सड़क जाम का के दौरान विवाद मामला पहुंचा न्यायालय मौजूद पुलिस कर्मी पर कार्रवाई के गुहार


बक्सर पब्लिक न्यूज :- बक्सर जिले अंतर्गत रघुनाथपुर रेलवे क्रॉसिंग पर लगा ट्रैफिक जाम एक डॉक्टर और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद की वजह बना और मामला अब अदालत तक पहुंच गया है. 11 जनवरी की रात हुई इस घटना में डॉक्टर ने पुलिसकर्मियों पर अभद्रता, मारपीट, मोबाइल छीनने और वीडियो डिलीट कराने का आरोप लगाया था. मामले की सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, बक्सर की अदालत ने तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्रथमदृष्टया मामला मानते हुए संज्ञान लिया है.
जाम हटाने के दौरान बिगड़ी बात
अदालत के आदेश के अनुसार डॉ. विशाल तिवारी 11 जनवरी 2026 की रात करीब 8 बजे अपने भाई श्रवण कुमार तिवारी और स्टाफ अंकित कुमार यादव के साथ निजी वाहन से रघुनाथपुर रेलवे क्रॉसिंग से गुजर रहे थे. उस समय क्रॉसिंग पर लंबा जाम लगा था. मौके पर डायल 112 की गाड़ी भी तैनात थी. शिकायत के अनुसार जाम हटाने के दौरान वाहन को सड़क किनारे करने को लेकर पुलिसकर्मियों और डॉक्टर के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो बाद में विवाद में बदल गई. उनका आरोप है कि पुलिस के ट्रकों से अवैध वसूली के दौरान जाम लगा था. उसी का विरोध करने पर बात बिगड़ी.
वीडियो बनाने लगे तो मोबाइल छीनने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी दौरान अंकित कुमार यादव ने घटना का वीडियो बनाना शुरू किया. आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसका मोबाइल छीन लिया और वीडियो डिलीट कर दिया. इसके बाद रिकॉर्डिंग करने वाले के साथ मारपीट की गई. शिकायत में कहा गया है कि डॉक्टर, उनके भाई और अन्य लोगों को करीब 45 मिनट तक मौके पर रोके रखा गया और घटना से जुड़े वीडियो डिलीट कराने के बाद ही उन्हें वहां से जाने दिया गया.
पुलिस बोली- जाम में बाधा बन रही थी गाड़ी
आरोपित पुलिसकर्मियों ने अदालत में शिकायत को गलत बताया. उनका कहना था कि रेलवे क्रॉसिंग पर जाम की स्थिति थी और शिकायतकर्ता अपनी गाड़ी को किनारे नहीं कर रहे थे, जिससे यातायात बाधित हो रहा था. इसी दौरान कहासुनी हुई. पुलिसकर्मियों ने मोबाइल छीनने, वीडियो डिलीट कराने और मारपीट के आरोपों से इनकार किया.
एसपी की रिपोर्ट ने खोला विवाद का दूसरा पहलू
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने शिकायतकर्ता और गवाहों के बयान के साथ एसपी बक्सर से मंगाई गई रिपोर्ट का भी अवलोकन किया. रिपोर्ट में 11 जनवरी की रात रघुनाथपुर रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रैफिक जाम होने की पुष्टि की गई. डायल 112 पर तैनात एमडी इंतसार आलम और रविंद्र कुमार सिंह को यातायात नियंत्रित करने के लिए वहां मौजूद बताया गया. रिपोर्ट में जाम हटाने के दौरान पुलिसकर्मियों और वाहन चालक के बीच विवाद होने का भी उल्लेख है.
अदालत ने माना- प्रथमदृष्टया मामला बनता है
रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने शिकायतकर्ता के साथ अभद्रता, आईडब्ल्यू-2 के साथ थप्पड़ से मारपीट और शिकायतकर्ता व जांच साक्षियों को करीब 45 मिनट तक रोके रखने के आरोपों को प्रथमदृष्टया आधार योग्य माना. अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 127(2) और 352/3(5) के तहत मामला बनता पाया.
तीन पुलिसकर्मियों को समन, 25 अगस्त को अगली सुनवाई
अदालत ने एमडी इंतसार आलम, रविंद्र कुमार सिंह और वीरेंद्र सिंह के खिलाफ उक्त धाराओं में संज्ञान लेते हुए समन जारी करने का आदेश दिया है. हालांकि शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों के संबंध में अदालत को पर्याप्त आधार नहीं मिला. मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त 2026 को होगी.
अब विभागीय कार्रवाई की मांग, हाईकोर्ट जाने की तैयारी
चिकित्सक की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता विशाल कुमार सिंह ने कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग की जाएगी. उन्होंने कहा कि चिकित्सक को न्याय दिलाने के लिए मामले को उच्च न्यायालय तक ले जाया जाएगा. अधिवक्ता के मुताबिक न्यायिक कार्रवाई के साथ पुलिस विभाग के स्तर पर भी पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई जरूरी है।



