75 दिवसीय एनीमिया स्क्रीनिंग, परामर्श एवं रेफरल अभियान का हुआ शुरुआत


बक्सर पब्लिक न्यूज:- बिहार राज्य स्तर पर 75 दिवसीय एनीमिया स्क्रीनिंग, परामर्श एवं रेफरल अभियान का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के द्वारा शुभारंभ किया गया। राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के निर्देशानुसार यह अभियान 25 अगस्त 2026 से 30 नवंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। इसी क्रम में बक्सर जिले में भी अभियान का शुभारंभ किया गया।जिसमें जिला पदाधिकारी बक्सर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तरीय उद्घाटन कार्यक्रम से जुड़े।
अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में एनीमिया से प्रभावित व्यक्तियों की समय पर पहचान, हीमोग्लोबिन की जांच, आवश्यक परामर्श, आयरन-फोलिक एसिड (IFA) की उपलब्धता एवं वितरण तथा आवश्यकता के अनुसार उपचार एवं रेफरल सुनिश्चित करना है। अभियान के दौरान एनीमिया से प्रभावित लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार एवं फॉलो-अप से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
किशोरियों एवं महिलाओं को प्राथमिकता, सभी आयु वर्गों की होगी जांच
अभियान के दौरान सभी आयु वर्गों में एनीमिया की जांच की जाएगी, जिसमें किशोरियों एवं महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रमुख लक्षित समूहों में—
1. 5 से 9 वर्ष आयु के बच्चे
2. 10 से 19 वर्ष आयु के किशोर-किशोरियां
3. 20 से 49 वर्ष आयु वर्ग की प्रजनन आयु की महिलाएं
4. गर्भवती महिलाएं
5. धात्री/स्तनपान कराने वाली महिलाएं
6. पुरुष एवं अन्य पात्र लाभार्थी शामिल हैं।
लाभार्थियों को जांच सुविधाओं से जोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता एवं सामुदायिक मोबिलाइजेशन किया जाएगा।
स्वास्थ्य संस्थानों एवं विद्यालयों में होगी एनीमिया की जांच
अभियान के दौरान जिले के सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, रेफरल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी स्वास्थ्य केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर/हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर एवं हेल्थ सब सेंटर सहित सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में एनीमिया की स्क्रीनिंग की जाएगी।
इसके अतिरिक्त VHSND एवं PMSMA सत्रों के दौरान भी लाभार्थियों की एनीमिया जांच की जाएगी।
विद्यालयों में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की Mobile Health Teams द्वारा कक्षा 1 से 12 तक के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों की एनीमिया स्क्रीनिंग की जाएगी। विद्यालय नहीं जाने वाले 5 से 9 वर्ष आयु के बच्चों को भी आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से जांच एवं आवश्यक IFA सेवन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर से होगी जांच
अभियान के दौरान लाभार्थियों के हीमोग्लोबिन स्तर की जांच डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर के माध्यम से की जाएगी। जांच के लिए आवश्यक टेस्ट स्ट्रिप/क्यूवेट, लैंसेट, अल्कोहल स्वाब, डिस्पोजेबल ग्लव्स एवं अन्य आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
जांच के दौरान संक्रमण नियंत्रण एवं सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पालन किया जाएगा तथा उपयोग की गई सामग्री का निस्तारण बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।
जांच के बाद उपचार, परामर्श एवं रेफरल
एनीमिया की पहचान होने पर लाभार्थी को उसकी स्वास्थ्य स्थिति एवं हीमोग्लोबिन स्तर के अनुसार आवश्यक IFA एवं अन्य उपचार, पोषण संबंधी परामर्श तथा फॉलो-अप की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
मध्यम एवं गंभीर एनीमिया से ग्रसित लाभार्थियों को आवश्यकता के अनुसार उच्च स्वास्थ्य संस्थान में रेफरल एवं चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। गर्भवती महिलाओं में गंभीर एनीमिया अथवा उपचार की आवश्यकता वाली स्थिति में चिकित्सकीय निगरानी में निर्धारित उपचार एवं आवश्यक रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
पोषण एवं एनीमिया से बचाव के लिए दिया जाएगा परामर्श
अभियान के दौरान जांच के लिए आने वाले लाभार्थियों को एनीमिया की रोकथाम एवं प्रबंधन के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध आयरन युक्त खाद्य पदार्थों, संतुलित आहार एवं पोषण के संबंध में भी परामर्श दिया जाएगा। स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध परामर्श केंद्र एवं युवा क्लीनिक के माध्यम से भी किशोर-किशोरियों को आवश्यक परामर्श एवं एनीमिया जांच से जोड़ा जाएगा।
स्वास्थ्यकर्मियों की रहेगी महत्वपूर्ण भूमिका
अभियान को सफल बनाने के लिए एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO), RBSK Mobile Health Team, लैब टेक्नीशियन, चिकित्सक, आशा एवं अन्य प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों को जिम्मेदारी दी गई है।
आशा कार्यकर्ताओं द्वारा सभी आयु वर्ग के पात्र लाभार्थियों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा जांच सत्र तक लाने में सहयोग किया जाएगा। वहीं RBSK Mobile Health Teams द्वारा विद्यालयों में एनीमिया जांच को प्राथमिकता दी जाएगी। स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा जांच के साथ-साथ आवश्यक परामर्श, उपचार एवं रेफरल सुनिश्चित किया जाएगा।
अभियान के दौरान जांच से प्राप्त आंकड़ों की नियमित ऑनलाइन रिपोर्टिंग एवं अनुश्रवण भी किया जाएगा तथा मध्यम एवं गंभीर एनीमिया से पाए गए लाभार्थियों के उपचार एवं फॉलो-अप पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
आम लोगों से अपील एनीमिया ऐसी स्वास्थ्य समस्या है जिसकी समय पर पहचान एवं उचित उपचार से इसके दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए जिले के सभी पात्र लाभार्थियों एवं अभिभावकों से अपील है कि वे इस विशेष अभियान का लाभ उठाएं और अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान, आयुष्मान आरोग्य मंदिर/हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, VHSND/PMSMA सत्र अथवा विद्यालय में आयोजित स्क्रीनिंग कार्यक्रम में अपना हीमोग्लोबिन स्तर अवश्य जांच कराएं।
विशेष रूप से 5–9 वर्ष के बच्चों, 10–19 वर्ष के किशोर-किशोरियों, 20–49 वर्ष की महिलाओं, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं से अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की गई है।जिला स्वास्थ्य समिति, बक्सर द्वारा अभियान की गतिविधियों की नियमित निगरानी, समीक्षा एवं समन्वय करते हुए निर्धारित अवधि में अधिक से अधिक लाभार्थियों की एनीमिया जांच, उपचार, परामर्श एवं आवश्यक रेफरल सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।



