धनसोई पंचायत में ग्राम सभा के दौरान हुआ हंगामा ग्रामीणों ने आवास योजना में धांधली के लगाए आरोप


बक्सर पब्लिक न्यूज:- राजपुर प्रखंड क्षेत्र के धनसोई पंचायत अंतर्गत अमरपुर गांव स्थित पैक्स गोदाम पर मंगलवार को ग्राम सभा का आयोजन किया गया.बैठक की अध्यक्षता मुखिया तुलसी साह ने की. इस बैठक में पंचायत के विभिन्न गांवों से पहुंचे ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना में चयनित नए लाभार्थियों की सूची पढ़कर सुनाई जा रही थी. सूची पढ़ते ही ग्रामीणों ने योजना में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए हंगामा और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मुखिया तुलसी साह द्वारा ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराने के बाद जब सूची सुनाई गई, तो असंतोष और गहरा गया. ग्रामीणों का कहना था कि धनसोई में लगभग 700 लोगों का नाम सूची में दर्ज है, लेकिन इनमें से अधिकांश वास्तविक योग्य गरीब लाभुकों के नाम गायब कर दिए गए हैं. ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि गरीबों के हक की इस योजना पर दबंगों और अमीरों का कब्जा हो गया है.जनता के तीखे सवालों से घिरे आवास सहायक मनोज कुमार ने अपना बचाव करते हुए कहा, एआई से हुए सर्वे के कारण कई लोगों के नाम सूची से कटे हैं।
जिन पात्र लाभुकों का नाम कटा है, वे आपत्ति दर्ज करा सकते हैं. जांच के बाद योग्य पाए जाने पर उनका नाम पुनः सूची में जोड़ दिया जाएगा.इसी दौरान सभा में मौजूद एक दिव्यांग युवक ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले सर्वे में उसका नाम शामिल था, लेकिन इस बार की नई सूची से उसका नाम गायब कर दिया गया है. ग्रामीणों के भारी विरोध और आक्रोश को देखते हुए आवास सहायक धीरे से मौके से खिसक गए, जो काफी देर तक चर्चा का विषय बना रहा।
मामले पर अपनी बात रखते हुए मुखिया तुलसी साह ने कहा कि पंचायत से कुल 1,416 लोगों का नाम चिन्हित किया गया था, जिसमें से 850 ग्रामीणों ने स्वयं आवेदन किया था. इसके बावजूद 600 से अधिक योग्य गरीबों के नाम सूची से गायब हैं. उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायत में जांच के दौरान अधिकारियों ने किसी दलाल के सहारे घर-घर जाकर सर्वे किया और किसी भी वार्ड सदस्य का सहयोग नहीं लिया गया.इसी वजह से इतने बड़े पैमाने पर धांधली हुई है. मुखिया ने प्रशासन से मांग की है कि जांच कराकर सभी छूटे हुए गरीब व योग्य लाभुकों के नाम तुरंत जोड़े जाएं.ग्राम सभा में पहुंचीं गिरजा देवी, प्रतिमा देवी, ललिता देवी, फूलकुमारी देवी, लालबाबू, सोना देवी, उषा कुंवर, रीता देवी, रामदरश राम, रीता गुप्ता और गुड़िया देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि सर्वे और जांच के समय उनसे नजराना भी लिया गया था, इसके बावजूद उनका नाम सूची से काट दिया गया।



