चार माले कार्यकर्ताओं पर प्राथमिकी के विरोध में सोनवर्षा थाने का घेराव, डीएम-एसपी को बुलाने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी


बक्सर पब्लिक न्यूज:- नावानगर प्रखंड के सोनवर्षा थाना परिसर में बुधवार को उस समय राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई, जब भाकपा माले के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने चार पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज नामजद प्राथमिकी के विरोध में थाने का घेराव कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने थाना के मुख्य गेट को जाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने प्राथमिकी को एकतरफा कार्रवाई बताते हुए इसे वापस लेने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।माले कार्यकर्ताओं के अनुसार, विवाद की शुरुआत कुछ दिन पहले हुई थी।
क्षेत्र के कुछ पीड़ित परिवार अपनी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के जनता दरबार में फरियाद लगाने पटना पहुंचे थे। आरोप है कि जनता दरबार से लौटने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी और अंचल अधिकारी ने संबंधित परिवारों को कथित तौर पर जमकर फटकार लगाई। इतना ही नहीं, अधिकारियों द्वारा उनसे यह भी पूछा गया कि वे पटना कैसे पहुंच गए और उन्हें वहां किसने भेजा था। इस कथित व्यवहार से नाराज पीड़ित परिवारों के समर्थन में भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने आवाज उठाई और प्रशासनिक रवैये का विरोध किया। इसी घटनाक्रम के बाद पुलिस ने माले के चार कार्यकर्ताओं के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर दी। इसके विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने सोनवर्षा थाने पहुंच घेराव किया। घेराव का नेतृत्व माले नेता रामदेव सिंह ने की। इधर घेराव में पहुंचे पूर्व विधायक अजीत कुमार उर्फ अजीत
कुशवाहा ने कहा कि पुलिस ने मामले की वास्तविकता की पड़ताल किए बिना ही झूठे तथ्यों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इससे संबंधित लोगों को बेवजह कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने से पहले शिकायत की सत्यता और मामले की परिस्थितियों को गंभीरता से समझना जरूरी होता है। लेकिन सोनवर्षा थानाध्यक्ष ने कथित रूप से बिना समुचित इंक्वायरी किए ही मुकदमा दर्ज कर लिया।
वही प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पीड़ित परिवारों की समस्याओं को उठाना कोई अपराध नहीं है। जनता की आवाज बुलंद करने वाले कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज कर आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। इधर, मौके पर पहुंचे एसडीपीओ ने प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ता डीएम और एसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। खबर लिखे जाने तक थाने का घेराव और प्रदर्शन जारी था।



