CRIME

बक्सर के पूर्व जिला अधिकारी… अब CID के शिकंजे में! JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. खियांगते गिरफ्तार

बक्सर पब्लिक न्यूज :-बक्सर/रांची : कभी एकीकृत बिहार में बक्सर जिले की प्रशासनिक कमान संभालने वाले 1988 बैच के अधिकारी और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष लाल बियाक्त लुंगा खियांगते को CID ने गिरफ्तार कर लिया है. JPSC-JSSC परीक्षा विवाद में कथित अनियमितताओं और वित्तीय लेन-देन की जांच के बीच हुई इस कार्रवाई से झारखंड के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. गिरफ्तारी के बाद CID की टीम उन्हें अपने कार्यालय ले गई, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है.

बक्सर से झारखंड तक बदला पूरा घटनाक्रम

एल. खियांगते का बक्सर से पुराना प्रशासनिक रिश्ता रहा है. वह 1990 के दशक में एकीकृत बिहार के दौरान बक्सर के जिलाधिकारी के पद पर तैनात रह चुके हैं. उस समय उन्होंने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाली थी. अब वर्षों बाद उनका नाम एक बिल्कुल अलग मामले में सुर्खियों में है और JPSC परीक्षा विवाद की जांच में CID ने उन्हें गिरफ्तार किया है.

परीक्षा विवाद में पहले से जांच के घेरे में थे

JPSC-JSSC परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर CID पहले से खियांगते की भूमिका की जांच कर रही थी. जांच एजेंसी ने इससे पहले उनके आवास समेत उनसे जुड़े अन्य ठिकानों पर छापेमारी की थी. छापेमारी के दौरान परीक्षा प्रक्रिया, कथित अनियमितताओं और इससे जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाए जाने की बात सामने आई थी.

2 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन पर भी नजर

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच के दौरान करीब 2 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन से जुड़ी जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है. हालांकि, इस संबंध में CID की ओर से अभी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. एजेंसी परीक्षा से जुड़े कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय लेन-देन और पूरी प्रक्रिया में शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है.

पूर्व सदस्य से पूछताछ के बीच गिरफ्तारी

खियांगते की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब JPSC की पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य से भी पूछताछ की जा रही है. इसके बाद जांच एजेंसी का फोकस परीक्षा विवाद से जुड़े पूरे नेटवर्क और कथित लेन-देन की कड़ियों पर और बढ़ गया है. माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारियों के आधार पर जांच का दायरा और बढ़ सकता है.

छात्रों के आंदोलन के बीच CID की बड़ी कार्रवाई

JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्र लंबे समय से निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते रहे हैं. छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. ऐसे में पूर्व चेयरमैन की गिरफ्तारी को जांच की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.

अब कोर्ट में पेशी की तैयारी

गिरफ्तारी के बाद CID की टीम खियांगते को अपने कार्यालय ले गई है. वहां पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किए जाने की संभावना है. हालांकि, गिरफ्तारी के कारणों, कथित वित्तीय लेन-देन और जांच में सामने आए अन्य तथ्यों को लेकर CID की विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है.

जानिए कौन हैं एल. खियांगते

लाल बियाक्त लुंगा खियांगते का जन्म 26 अक्टूबर 1964 को हुआ था. वह 1988 बैच के अधिकारी हैं और मिजोरम से संबंधित हैं. उन्होंने इतिहास विषय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है. उनकी मातृभाषा मिजो है, जबकि अंग्रेजी भाषा का भी ज्ञान है.

बक्सर के प्रशासनिक इतिहास से जुड़े एक पुराने नाम का JPSC विवाद में इस तरह सामने आना स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है. फिलहाल निगाहें CID की आगे की जांच और न्यायालय में होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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